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आर्थिक मोर्चे पर सरकार को राहत, GDP ग्रोथ में हुआ सुधार
February 29, 2020 • Admin

नई दिल्ली
आर्थिक मोर्चे पर सुस्‍ती की वजह से विपक्ष की आलोचना झेल रही मोदी सरकार को मामूली राहत मिली है। दरअसल, ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीडीपी) ग्रोथ रेट के आंकड़ों में थोड़ा सुधार हुआ है। ये आधिकारिक आंकड़े वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही (सितंबर-दिसंबर) के हैं। ताजा आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट सुधर कर 4.7 फीसदी पर आ गई है। इससे पहले दूसरी तिमाही (सितंबर 2019) में GDP की ग्रोथ 4.5 फीसदी थी। यह पिछले 6 साल का सबसे निचला लेवल था। इससे पहले मार्च 2013 तिमाही में देश की जीडीपी दर इस स्‍तर पर थी।
अगर बीते 6 तिमाही की बात करें तो देश की जीडीपी ग्रोथ रेट लगातार गिरी है। बीते वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 8 फीसदी पर थी तो दूसरी तिमाही में यह लुढ़क कर 7 फीसदी पर आ गई। इसी तरह तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ की दर 6.6 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी पर रही। भारत सरकार के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) ने वित्त वर्ष 2019-20 में सिर्फ 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रखने का अनुमान जाहिर किया है। वहीं सरकार के आर्थ‍िक सर्वे में वित्त वर्ष 2020-21 में GDP ग्रोथ रेट 6-6.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी अगले वित्त वर्ष में 6 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ रेट रहने की बात कही है।
इस बीच, कोर इंडस्‍ट्री के आंकड़ों में मामूली सुधार हुआ है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में देश की आठ कोर इंडस्‍ट्री का ग्रोथ 2.2 फीसदी पर था, जो दिसंबर में 2.1 फीसदी रहा था। बता दें कि आठ कोर इंडस्‍ट्री में कोयला, कच्चा तेल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी उत्पाद, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट तथा इलेक्ट्रिसिटी शामिल हैं। एनालिस्ट उम्मीद कर रहे थे कि तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ में सुधार आ सकता है। 4.7 फीसदी GDP ग्रोथ का आंकड़ा बेहतर है क्योंकि ये आंकड़े जिस तिमाही के बेस पर हैं उसका प्रदर्शन भी अच्छा नहीं रहा है। फिस्कल ईयर 2019 की तीसरी तिमाही में GDP की ग्रोथ सिर्फ 6.6 फीसदी थी। जबकि फिस्कल ईयर 2019 की दूसरी तिमाही में यह 7 फीसदी थी। इससे पहले गुरुवार को RBI ने GDP का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही RBI ने अपने सालाना इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। अक्टूबर में 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। नई दिल्ली
आर्थिक मोर्चे पर सुस्‍ती की वजह से विपक्ष की आलोचना झेल रही मोदी सरकार को मामूली राहत मिली है। दरअसल, ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीडीपी) ग्रोथ रेट के आंकड़ों में थोड़ा सुधार हुआ है। ये आधिकारिक आंकड़े वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही (सितंबर-दिसंबर) के हैं। ताजा आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट सुधर कर 4.7 फीसदी पर आ गई है। इससे पहले दूसरी तिमाही (सितंबर 2019) में GDP की ग्रोथ 4.5 फीसदी थी। यह पिछले 6 साल का सबसे निचला लेवल था। इससे पहले मार्च 2013 तिमाही में देश की जीडीपी दर इस स्‍तर पर थी।
अगर बीते 6 तिमाही की बात करें तो देश की जीडीपी ग्रोथ रेट लगातार गिरी है। बीते वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में ग्रोथ रेट 8 फीसदी पर थी तो दूसरी तिमाही में यह लुढ़क कर 7 फीसदी पर आ गई। इसी तरह तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ की दर 6.6 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.8 फीसदी पर रही। भारत सरकार के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) ने वित्त वर्ष 2019-20 में सिर्फ 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रखने का अनुमान जाहिर किया है। वहीं सरकार के आर्थ‍िक सर्वे में वित्त वर्ष 2020-21 में GDP ग्रोथ रेट 6-6.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी अगले वित्त वर्ष में 6 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ रेट रहने की बात कही है।
इस बीच, कोर इंडस्‍ट्री के आंकड़ों में मामूली सुधार हुआ है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में देश की आठ कोर इंडस्‍ट्री का ग्रोथ 2.2 फीसदी पर था, जो दिसंबर में 2.1 फीसदी रहा था। बता दें कि आठ कोर इंडस्‍ट्री में कोयला, कच्चा तेल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी उत्पाद, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट तथा इलेक्ट्रिसिटी शामिल हैं। एनालिस्ट उम्मीद कर रहे थे कि तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ में सुधार आ सकता है। 4.7 फीसदी GDP ग्रोथ का आंकड़ा बेहतर है क्योंकि ये आंकड़े जिस तिमाही के बेस पर हैं उसका प्रदर्शन भी अच्छा नहीं रहा है। फिस्कल ईयर 2019 की तीसरी तिमाही में GDP की ग्रोथ सिर्फ 6.6 फीसदी थी। जबकि फिस्कल ईयर 2019 की दूसरी तिमाही में यह 7 फीसदी थी। इससे पहले गुरुवार को RBI ने GDP का अनुमान 6.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही RBI ने अपने सालाना इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। अक्टूबर में 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।