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बजट में सिर्फ होती हैं घोषणाएं,नहीं मिलता रोजगार
February 29, 2020 • Admin

(जी.एन.एस) ता. 29
जालंधर
वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने अपने बजट भाषण में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए सरकार की वचनबद्धता दोहराई। उन्होंने बजट में दो लाख युवाओं को नौकरी देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार घर-घर रोजगार फ्लैगशिप मिशन के तहत हरेक घर में एक नौकरी देने को यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में 800 से अधिक प्लेसमैंट कैंपों का आयोजन कर डेढ़ लाख उम्मीदवारों को रोजगार प्राप्त करने और 69,600 बेरोजगार उम्मीदवारों को करियर काऊंसङ्क्षलग द्वारा सहायता करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बेरोजगार उम्मीदवारों के कौशल को विकसित करने और उनको प्राइवेट नौकरियों के योग्य बनाने के लिए पंजाब कौशल विकास मिशन की स्थापना की गई है। इस मिशन के तहत 2020-21 के बजट में 44,365 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए 148 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान रखा गया है।
2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने सरकार बनने पर घर-घर नौकरी देने का वादा किया था। सरकार लाखों युवाओं को रोजगार देने का ङ्क्षढढोरा पीट रही है लेकिन सरकारी नौकरी कितने नौजवानों को दी गई इसका कोई डाटा सरकार पेश नहीं कर रही है। यह पहला बजट नहीं जिसमें सरकार नौकरियां देने की घोषणा कर रही है। पंजाब में करीब 22 लाख बेरोजगार युवा नौकरियों के लिए छटपटा रहे हैं। यह एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। इस मुद्दे को लेकर पिछले अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी घेरती रही है। गत वर्ष के सैंटर फॉर रिसर्च इन रूरल इंडस्ट्रियल डिवैल्पमैंट (क्रिड) के आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में 22 लाख से ज्यादा बेरोजगार नौजवान हैं। अभी तक सरकार द्वारा लगाए गए रोजगार मेलों से युवाओं को पर्याप्त नौकरियां नहीं मिल पाई हैं। स्थिति यह है कि रोजगार मेलों में आवेदन करने वाले 100 में से 10 युवाओं को ही नौकरी मिल पाई है। प्राइवेट सैक्टर जहां इन युवाओं की रोजगार की मांग को पूरा नहीं कर पा रहा है, वहीं उन्हें करीब 10 हजार रुपए तक का ही रोजगार मुहैया करवा पा रहा है। युवाओं का कहना है कि उनको उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार भी नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं जिसके चलते सूबे में यह समस्या गंभीर रूप धारण करती जा रही है।
सरकारी नौकरियों की बात करें तो पिछले 12 साल से राज्य में 38 हजार ऐसे लोगों की फौज खड़ी हो गई है, जो सरकारी नौकरी के लिए निर्धारित 37 साल की आयु सीमा को पार कर चुकी है। इन लोगों की आयुसीमा न तो अकाली-भाजपा राज में बढ़ाई गई और न ही कांग्रेस के राज में। इन बेरोजगारों को उम्मीद थी कि नौकरी पाने की उम्र भी पड़ोसी प्रदेश हरियाणा के पैटर्न पर 42 साल तक कर दी जाएगी। जैनरेशन विभाग पंजाब ने पिछले करीब 12 सालों में करीब 2.56 लाख बेरोजगार युवक और युवतियों को रजिस्टर्ड किया है।