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'बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे' से जुड़ी सारी बात, जिसकी आधारशिला पीएम मोदी रखने जा रहे हैं
February 28, 2020 • Admin • National

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 फरवरी, शनिवार को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखेंगे. चित्रकूट के भरतकूप में ये कार्यक्रम होगा. 2018 में सरकार ने उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा की थी. उसी कॉरिडोर की वजह से बन रहा है ये एक्सप्रेसवे. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट के भरतकूप से शुरू होगा और बांदा, हमीरपुर, महोबा और औरैया होते हुए इटावा के पास यमुना एक्सप्रेसवे से मिल जाएगा. ये एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड से दिल्ली तक के सफ़र का वक़्त बचाएगा.

# कायाकल्प के लिए चुना गया था
नीति आयोग ने कायाकल्प के लिए उत्तर प्रदेश के आठ ज़िलों को चुना था. उनमें चित्रकूट भी शामिल है. चित्रकूट से ही इस योजना की शुरुआत होगी.
# कितनी लागत आएगी?
296 किलोमीटर का बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे. 14849.09 करोड़ की लागत से बनेगा. एक्सप्रेसवे अभी चार लेन का होगा. भविष्य में इसे छह लेन तक विस्तारित किए जाने की योजना है.
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चार रेलवे ओवरब्रिज, 14 बड़े पुल, छह टोल प्लाजा, सात रैंप प्लाजा, 268 छोटे पुल , 18 फ्लाईओवर और 214 अंडरपास का निर्माण किया जाएगा.
# भूमि अधिग्रहण लगभग हो चुका है पूरा
296 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण एक बड़ा मसला था. लेकिन सरकार ने 95 फ़ीसदी तक भूमि अधिग्रहण कर लिया है. अधिकारी बता रहे हैं कि बचे हुए पांच फ़ीसदी भूमि अधिग्रहण का काम भी जल्द पूरा हो जाएगा.
# छह क्लस्टर बनाकर पूरा हो रहा प्लान
सरकार ने लखनऊ में निवेशकों के शिखर सम्मेलन के दौरान 21 फरवरी, 2018 को उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की थी. केंद्र सरकार ने छह क्लस्टरों की पहचान करते हुए गलियारा स्थापित किया. लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, कानपुर और आगरा. इनमें से बुंदेलखंड क्षेत्र-झांसी और चित्रकूट में दो क्लस्टर तैयार किए जा रहे हैं. ऐसी ज़मीन, जिस पर खेती नहीं की गई है, उसे झांसी और चित्रकूट, दोनों जगहों पर खरीद लिया गया है. सरकार कह रही है कि इससे क्षेत्र के गरीब किसानों को लाभ मिला है.
# किसान उत्पादक संगठन की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चित्रकूट में देशभर में 10,000 किसान उत्पादक संगठनों की शुरुआत करेंगे. करीब 86 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनके पास देश में औसतन जोत क्षेत्र 1.1 हेक्टेयर से भी कम है.
किसानों की आय दोगुना करने की रिपोर्ट में 2022 तक 7,000 किसान उत्पादक संगठन के गठन की सिफारिश की गई है. केंद्र सरकार ने अगले पांच साल में किसानों के लिए भारी उत्पादन की लागत में बचत तय करने के लिए 10,000 नए किसान उत्पादक संगठन बनाए जाने की घोषणा की है.